काजल सिकरवार, शिवपुरी।
समय बदल गया है अब लोगो की सोच में भी परिवर्तन होने लगा। यह खबर उन लोगो को समर्पित हैं,आज के इस दौर में बेटा ओर बेटी के बीच फर्क करते हैं। श्राद्ध पक्ष में घर मे आई नन्ही परी को अपने बुर्जगो का आर्शीवाद मानेते हुए उसके घर आगमन में ऐसा स्वागत किया,जिसे देखकर देवो को भी अपने भाग्य से जलन होने लगी होगी।

नन्ही परी के घर आगमन पर रास्तो में फूल बिछा दिए गए। फूलमालाओ और गुब्बारो से स्वागत द्धवार बनाए गए। बेटी के माथे पर तिलक लगाया गया। लक्ष्मी का अवतार बन कर घर में आई अपनी लाडकी की आरती उतारी गई,जोरदार अतिशवाजी के साथ पूरे घर में परिवार के सभी सदस्यों के चेहरे पर मुस्कान दिखी,इतनी सारी तैयारियां की गई घर में बेटी के जन्म पर। घर में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज रही थी। परिवार में बेटी के गृह प्रवेश के इस अनूठे तरीके की क्षेत्र में काफी चर्चा हो रही है।


शहर की न्यूब्लॉक में रहने वाले चिराग जैन की पत्नि अक्षिता गुप्ता के यहां 25 सितम्बर को बेटी हुई। चिराग जैन सहित उनके पूरे परिवार ने बेटी का स्वागत के लिए घर के मुख्य गेट से आंगन तक गुलाब की पंखुड़ियां और गुब्बारों सजाया । मिठाईयां बांटी गई इतना ही नहीं बच्ची को अस्पताल से जिस कार में घर लाया गया तो वह पालकी की तरह लग रही थी। चिराग की बहनों ने बहुत अच्छी सजावट की ।

संतोष जैन गुप्ता को जब पता चला की उनके यहां पोती हुई है,तो वह खुशी से झूम उठे। पिछड़ी सोच वाले लोगों की तरह वह दुखी नहीं हुए, बल्कि अपने परिचितो को मिठाईयां बांटी और मंदिरों में जा कर पूजा अर्चना की।

चिराग की मां नीता गुप्ता को भी जब यह जानकारी मिली की उनके घर कन्या का आगमन हुआ है तो उन्होने दादी बनने की खुशी में उसकी स्वागत की जिम्मेदारी अपने उपर ले ली ओर अपनी पोती के स्वागत में ऐसे स्वागत की व्यवस्था की जैसे आज उनके घर साक्षात दुर्गा आने वाली हैं।

पूरे परिवार में खुशी का महौल देखा गया कुछ लोग बेटे की चाह रखते है, लेकिन यह परिवार को तो बेटे से भी बढ़कर खुशी हुई। नन्ही बेटी की खुशी पूरे क्षेत्र में लोगों की खुशियों का ठिकाना नहीं इस परिवार ने पिछड़े वर्ग के लोगों को पीछे छोड़ दिया और पूरा परिवार में खुशियों का महौल देखा गया।